यह पावन धार्मिक पुस्तक स्कन्दपुराण के रेवाखण्ड के अंतर्गत वर्णित भगवान श्रीमन नारायण के अत्यंत लोकप्रिय और चमत्कारी स्वरूप 'श्री सत्यनारायण भगवान' की आराधना के लिए तैयार की गई है, जिसे गीताप्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस लघु ग्रंथ में पूजा के संकल्प, विधि-विधान और आरती के साथ-साथ कथा के सभी पांचों अध्यायों का मूल संस्कृत श्लोकों सहित सरल हिंदी में अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। सनातन धर्म में प्रत्येक पूर्णिमा, संक्रांति, पारिवारिक मांगलिक कार्यों अथवा किसी भी संकट की निवृत्ति के लिए घर में आयोजित होने वाले श्री सत्यनारायण व्रत और पूजन को शुद्ध, प्रामाणिक व श्रद्धापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रत्येक हिंदू परिवार के पास रहने वाली यह एक अत्यंत अनिवार्य और पवित्र पुस्तक है।
श्रीसत्यनारायण-व्रतकथा (मूल श्लोक एवं भाषानुवादसहित) - गीताप्रेस (कोड 2217)
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