यह अत्यंत लोकप्रिय और प्रेरणादायी ग्रंथ श्रीमद्भागवत महापुराण के परम पावन आध्यात्मिक रहस्यों का निचोड़ (नवनीत/मक्खन) है, जिसे प्रख्यात संत शिरोमणि पूज्य डोंगरे जी महाराज के प्रवचनों के आधार पर संकलित किया गया है [10]. गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में महाराज जी की सरल, मर्मस्पर्शी और भक्तिमयी वाणी में भागवत कथा के गूढ़ सिद्धांतों, जीवन जीने की कला और प्रभु भक्ति के सहज मार्ग को समझाया गया है [10]. इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य भागवत महापुराण के कठिन प्रसंगों को एक आम पाठक के लिए व्यावहारिक और हृदयग्राही बनाना है, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में सदाचार और भक्ति को उतार सकें. पुस्तक के मुख्य पृष्ठ पर शुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को गंगा तट पर कथा सुनाने का अत्यंत सुंदर और मनमोहक चित्र अंकित है, जो घर में सात्विक विचारों के सिंचन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए हर श्रद्धालु के लिए एक अत्यंत उपयोगी और संग्रहणीय पुस्तक है.
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