यह पुस्तक गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित अठारह महापुराणों में से एक 'संक्षिप्त ब्रह्मवैवर्तपुराण' का विशिष्ट संस्करण है। इस दिव्य ग्रंथ में सृष्टि के मूल कारण भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की दिव्य लीलाओं, महिमा तथा प्रकृति के विभिन्न पक्षों का अत्यंत विस्तृत और मनोहारी वर्णन किया गया है। पुस्तक की मुख्य विशेषता इसका "मोटा टाइप" (बड़े अक्षर) होना है, जो वरिष्ठ नागरिकों और नियमित स्वाध्याय करने वाले पाठकों के लिए बिना किसी नेत्र-तनाव के पढ़ने को सुलभ बनाता है। मूल संस्कृत श्लोकों के बिना, संपूर्ण कथा को केवल सरल और प्रवाहमयी हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिसके साथ दिए गए मनमोहक चित्र और आध्यात्मिक संवाद भक्तों के हृदय में ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम तथा ज्ञान का संचार करते हैं।
संक्षिप्त ब्रह्मवैवर्तपुराण (सचित्र, मोटा टाइप) केवल हिंदी - गीताप्रेस गोरखपुर (
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