परम संत देवर्षि नारद के मुख से प्रकट हुए दिव्य ज्ञान और अठारह महापुराणों के सार को संक्षिप्त नारदपुराण (कोड 1183) के माध्यम से अपने जीवन में उतारें। विश्व विख्यात गीताप्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस पवित्र ग्रंथ को मूल पौराणिक कथाओं के वास्तविक तत्व को बनाए रखते हुए पूरी तरह से सरल, सुगम और प्रामाणिक हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से सभी आयु वर्ग के पाठकों के अनुकूल बनाने के लिए इसे बड़े और स्पष्ट अक्षरों (मोटा टाइप) में छापा गया है, जिससे दैनिक स्वाध्याय में बहुत आसानी होती है। इस पावन पुराण में शिक्षा, कल्प, व्याकरण, ज्योतिष, निरुक्त और छंद जैसे छह वेदांगों के साथ-साथ भगवान विष्णु की भक्ति, विभिन्न व्रतों की महिमा, गंगा और गया जैसे पवित्र तीर्थों का माहात्म्य तथा मोक्ष प्राप्ति के सरल उपायों का अद्भुत संग्रह है। आकर्षक रंगीन चित्रों (सचित्र) से सुसज्जित यह उत्कृष्ट पुस्तक मानसिक शांति, आध्यात्मिक चेतना के विकास और प्रत्येक सनातन धर्मी परिवार की धार्मिक लाइब्रेरी के लिए एक परम कल्याणकारी धरोहर है।
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