यह पुस्तक महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित मूल रामायण का सरल हिंदी भाषा में अनुवाद है, जिसे प्रसिद्ध धार्मिक प्रकाशक गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस संस्करण की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें संस्कृत के मूल श्लोक शामिल नहीं हैं, जिसके कारण यह पाठकों के लिए अत्यधिक संक्षिप्त, हल्की और पढ़ने में बेहद आसान बन जाती है। पुस्तक में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन चरित्र, उनके जीवन के आदर्शों और आदर्श समाज की स्थापना की कथा को अत्यंत सरल और प्रवाहमयी भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह उन पाठकों के लिए एक आदर्श ग्रंथ है जो बिना श्लोकों के उलझाव के पूरी वाल्मीकि रामायण की कथा और उसके नैतिक संदेशों को कम समय में गहराई से समझना चाहते हैं।
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण (केवल हिंदी-अनुवाद, श्लोकरहित) - गीताप्रेस गोरखपुर (पुस्
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