यह पावन ग्रंथ गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज द्वारा रचित विश्वप्रसिद्ध महाकाव्य 'श्रीरामचरितमानस' का सबसे लोकप्रिय और प्रामाणिक संस्करण है, जिसे आम बोलचाल में 'तुलसी रामायण' भी कहा जाता है. गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस विशेष लाल आवरण वाले ग्रंथ में मूल चौपाइयों, दोहों, सोरठों और छंदों के ठीक नीचे उनका अत्यंत सरल और शुद्ध सटीक (हिन्दी अनुवाद) दिया गया है. सभी आयु वर्ग के पाठकों और विशेष रूप से बुजुर्गों की सुविधा के लिए इसे मोटे अक्षरों (Mota Type) में छापा गया है ताकि दैनिक पाठ करने में आँखों पर जोर न पड़े. इस महान ग्रंथ में बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श जीवन, त्याग, मर्यादा और भक्ति का अद्भुत मार्ग दिखाया गया है. मुख्य पृष्ठ पर प्रभु श्री राम के दिव्य दरबार का सुंदर चित्र अंकित है और पुस्तक के भीतर समाहित रंगीन चित्र (सचित्र) प्रसंगों को जीवंत बनाते हैं, जो हर हिंदू परिवार के घर में सुख, शांति, आपसी प्रेम और धार्मिक संस्कारों के सिंचन के लिए सबसे अनिवार्य पूजनीय ग्रंथ है.
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