भगवान श्रीकृष्ण की परम पावन लीलाओं और भक्ति रस के परम सागर श्रीभागवत-सुधासागर [शुकसागर] (कोड 1928) के माध्यम से अपने जीवन को कृतार्थ करें। धर्म, दर्शन और भक्ति के इस महान ग्रंथ को विश्व प्रसिद्ध गीताप्रेस, गोरखपुर द्वारा विशेष रूप से बड़े और स्पष्ट अक्षरों में प्रकाशित किया गया है, जिससे सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु इसका सहजता से पाठ कर सकें। इस पावन पुस्तक में श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों, भगवान के विभिन्न अवतारों की कथाओं और विशेष रूप से श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का सजीव, सुगम तथा प्रामाणिक हिंदी तात्पर्य सहित विस्तृत वर्णन किया गया है। पुस्तक में शामिल सुंदर और आकर्षक रंगीन चित्र (सचित्र) कथाओं को जीवंत बनाते हुए भक्ति भाव को और गहरा करते हैं। मन की शांति, आध्यात्मिक उन्नति, दैनिक पूजन-पाठ तथा परिवार में उत्तम संस्कारों के संचार के लिए यह अनुपम ग्रंथ हर सनातन धर्मी के घर के मंदिर और पुस्तकालय में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
top of page
bottom of page



![श्रीभागवत-सुधासागर [शुकसागर] (कोड 1928) सचित्र, हिन्दी तात्पर्यसहित, बड़े अक्षरों](https://static.wixstatic.com/media/d17231_9d767d40202d4f5786c5940e227478f9~mv2.jpg/v1/fill/w_731,h_610,al_c,q_85,enc_avif,quality_auto/d17231_9d767d40202d4f5786c5940e227478f9~mv2.jpg)