भगवान विष्णु के अत्यंत प्रतापी और उग्र अवतार भगवान नरसिंह की पावन महिमा तथा अनन्य भक्ति रस से सराबोर श्रीनरसिंहपुराण (कोड 1530) के माध्यम से अपने घर में सुख, शांति और सुरक्षा का संचार करें। सनातन धर्म के प्रमुख उपपुराणों में अत्यंत विशिष्ट स्थान रखने वाले इस पावन ग्रंथ को विश्व विख्यात गीताप्रेस, गोरखपुर द्वारा पूरी तरह से सरल, सुगम और प्रामाणिक हिंदी अनुवाद सहित प्रकाशित किया गया है। इस पावन पुराण में भक्तराज प्रह्लाद की अनन्य निष्ठा, हिरण्यकशिपु के वध की अलौकिक कथा, भगवान सूर्य एवं शिव की उपासना, सदाचार के स्वर्णिम नियम और कलयुग के धर्म का अत्यंत सुंदर व मार्मिक वर्णन है। सुंदर बाइंडिंग और स्पष्ट छपाई के साथ आने वाली यह धार्मिक कृति मानसिक भयों से मुक्ति, आध्यात्मिक चेतना की जागृति, दैनिक स्वाध्याय तथा प्रत्येक सनातन धर्मी परिवार के पुस्तकालय के लिए एक अनिवार्य और परम कल्याणकारी धरोहर है।
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