यह पुस्तक गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित 'श्रीदुर्गासप्तशती सचित्र' का एक विशिष्ट बड़ा संस्करण है, जो भगवती दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत प्रामाणिक माना जाता है। मार्कण्डेय पुराण के अंतर्गत आने वाले इस दिव्य ग्रंथ में देवी महात्म्य के 700 श्लोकों को उनके सरल और शुद्ध हिंदी अनुवाद के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे साधक पाठ के साथ-साथ माँ दुर्गा की महिमा को आसानी से समझ सकते हैं। पुस्तक में पाठ करने की संपूर्ण शास्त्रीय विधि, न्यास, अर्गला, कीलक, कवच, और क्षमा-प्रार्थना आदि को क्रमबद्ध तरीके से शामिल किया गया है। इसके बड़े अक्षरों (फॉन्ट) और सुंदर चित्रों के कारण यह वृद्धजनों तथा नियमित अनुष्ठान करने वाले भक्तों के लिए अत्यंत सुलभ, स्पष्ट और साधना के अनुकूल एक आदर्श धार्मिक ग्रंथ है।
श्रीदुर्गासप्तशती सचित्र (हिन्दी अनुवाद तथा पाठ-विधि-सहित) (विशिष्ट संस्करण) - ग
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