यह पावन धार्मिक ग्रंथ सनातन धर्म की सर्वोच्च शक्ति माता भगवती (आद्या शक्ति) की महिमा को समर्पित 'महाभागवत (देवीपुराण)' है, जिसे शाक्त संप्रदाय में अत्यंत पूजनीय और महत्वपूर्ण उपपुराण माना जाता है. प्रसिद्ध धार्मिक प्रकाशक गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस प्रामाणिक संस्करण में मूल संस्कृत श्लोकों के साथ अत्यंत सरल, शुद्ध और प्रवाहमयी हिन्दी अनुवाद दिया गया है. इस महान ग्रंथ में साक्षात् पराम्बा भगवती के दिव्य स्वरूप, ब्रह्मांड की उत्पत्ति में उनकी मुख्य भूमिका, भगवान शिव और सती की पावन कथा, माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म, तथा महिषासुर व अन्य भयानक असुरों के वध की दिव्य लीलाओं का विस्तृत संकलन है. इसके साथ ही, इसमें शक्ति पूजा के शास्त्रीय नियमों, 51 शक्तिपीठों के रहस्य और भगवती की परम भक्ति के आध्यात्मिक मार्ग को बहुत ही सुंदर ढंग से समझाया गया है. पुस्तक के मुख्य पृष्ठ पर सिंहवाहिनी माता दुर्गा का अत्यंत मनमोहक और तेजोमय चित्र अंकित है तथा भीतर समाहित सुंदर रंगीन चित्र (सचित्र) इन प्रसंगों को और अधिक सजीव बनाते हैं, जो घर में सुख, समृद्धि, भय से मुक्ति और मानसिक शांति लाने के लिए एक अमूल्य धार्मिक निधि है.
top of page
bottom of page



