हिन्दी भाषा और साहित्य के क्रमिक विकास को गहराई से समझने के लिए मयूर पब्लिकेशन्स हिंदी साहित्य का इतिहास संपूर्ण भारत में सबसे लोकप्रिय, प्रामाणिक और अनुशंसित (Recommended) संदर्भ ग्रंथ है। विख्यात आलोचक डॉ. नागेन्द्र और डॉ. हरदयाल के कुशल संपादन में तैयार की गई यह कालजयी कृति UGC-NET/JRF, UPSC (Civil Services Hindi Optional), विभिन्न राज्यों की PSCs (जैसे UPPSC, MPPSC, BPSC), TGT, PGT, और विश्वविद्यालय स्तर (B.A. & M.A.) की परीक्षाओं के लिए सफलता की अचूक कुंजी मानी जाती है। लगभग 870 पृष्ठों के इस व्यापक संस्करण की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल के गद्य व पद्य साहित्य की सभी प्रवृत्तियों, आंदोलनों, कवियों और लेखकों का अत्यंत निष्पक्ष, वैज्ञानिक व तथ्यपरक ऐतिहासिक मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया है। त्रुटिहीन लेखन शैली और उच्च स्तरीय वैचारिक स्पष्टता के कारण यह पुस्तक हिन्दी विषय से सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों और शोधार्थियों की पहली पसंद है। अपने ई-कॉमर्स बुकस्टोर कैटलॉग में इस सर्वाधिक मांग वाले साहित्यिक महाग्रंथ को आज ही शामिल करें और हिन्दी माध्यम के परीक्षार्थियों को उनकी तैयारी का सबसे सशक्त और भरोसेमंद माध्यम प्रदान करें!
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