यह पवित्र धार्मिक ग्रंथ हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में प्रथम स्थान पर आने वाला 'ब्रह्मपुराण' है, जिसे 'आदिपुराण' भी कहा जाता है [1, 4]. प्रामाणिक धार्मिक पुस्तक प्रकाशक गीता प्रेस गोरखपुर (कोड: 1111) द्वारा विशेष रूप से मुद्रित इस पुस्तक में सुंदर रंगीन चित्र (सचित्र) और बड़े स्पष्ट अक्षर (मोटा टाइप) दिए गए हैं, ताकि सभी आयु वर्ग के पाठक इसे सुगमता से पढ़ सकें [1]. इस ग्रंथ में सरल हिंदी अनुवाद के माध्यम से सृष्टि की उत्पत्ति, देवताओं और ऋषियों के इतिहास, भगवान श्रीकृष्ण के ब्रह्म स्वरूप की लीलाओं तथा सदाचार के नियमों का अत्यंत ज्ञानवर्धक व विस्तृत वर्णन किया गया है [1, 4].
ब्रह्मपुराण (सचित्र, मोटा टाइप) — गीता प्रेस गोरखपुर (कोड: 1111)
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