यह पवित्र धार्मिक पुस्तक प्रथम पूजनीय भगवान श्री गणेश की आराधना और साधना के लिए एक अत्यंत दुर्लभ एवं दिव्य संग्रह है, जिसे गीताप्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस ग्रंथ में विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि के दाता भगवान गणेश के विभिन्न शास्त्रों व पुराणों में वर्णित अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्रों, कवचों, हृदय-स्तोत्रों और अष्टोत्तरशतनाम (१०८ नाम) आदि का शुद्ध मूल पाठ संकलित किया गया है। जीवन से सभी प्रकार के कष्टों, विघ्न-बाधाओं के निवारण, मानसिक शांति और कार्यों में सफलता की प्राप्ति हेतु नित्य पूजा-पाठ करने वाले सनातन धर्मावलंबियों और भक्तों के लिए यह लघु पुस्तक एक अत्यंत पावन, सुलभ और उपयोगी मार्गदर्शिका है।
गणेशस्तोत्ररत्नाकर - गीताप्रेस गोरखपुर (कोड 2024)
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